16. विद्यार्थी के व्यक्तित्व के समग्र विकास का आकलन किस तरह का मूल्यांकन कहलाता है?
(1) सतत मूल्यांकन
(2) समग्र मूल्यांकन
(3) उपरोक्त (1) एवं (2) दोनों
(4) उपरोक्त (1) एवं (2) दोनों नहीं
17. निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प सामाजिकीकरण की प्रक्रिया के अन्तर्गत नहीं आता है ?
(1) सामाजिक रूप से सम्मत तौर तरीकों के व्यवहार को सीखना
(2) सामाजिक रूप से सम्मत भूमिकाओं को करना
(3) सामाजिक अभिवृत्ति का विकास
(4) आत्मकेन्द्रित व्यवहार
18. बाल अपराध का कारण नहीं है :
(1) शारीरिक दोष
(2) गरीबी
(3) असफलता
(4) उचित घरेलू वातावरण
19. अधिगम का वह प्रकार जिसमें विद्यार्थी दी गई अधिगम सामग्री की सहायता से नये विचार या नये नियम को जानते हुए सीखने का प्रयास करता है, को क्या कहते हैं ?
(1) रटकर सीखना
(2) अर्थपूर्ण सीखना
(3) अभिग्रहण सीखना
(4) अन्वेषण सीखना
20. अच्छे समायोजन की विशेषता है :
(1) सहनशीलता
(2) आत्मविश्वास में कमी
(3) संवेगात्मक अस्थिरता
(4) अनियमित दिनचर्या
21. एक विद्यार्थी खुद के द्वारा जाने गये कुछ शब्दों जैसे बाघ, कुत्ता, शेर, तेंदुआ इत्यादि के आधार पर एक नया शब्द सीखता है ‘मांसाहारी पश’। इस प्रकार के सीखने को क्या कहा जाता है ?
(1) संयोगात्मक सीखना
(2) अधीनस्थ सीखना
(3) सहसम्बन्धात्मक सीखना
(4) महाकोटि सीखना
22. “बालकों की यह समझ कि चाहे वे किसी अन्य लिंगधारी जैसे कपड़े, बालों की स्टाइल अपना लें, तो भी उनका स्वयं का लिंग नहीं बदलेगा” बालकों की इस प्रकार की समझ को क्या कहा जाता है ?
(1) लिंग पहचान
(2) लिंग स्थिरता
(3) लिंग संगतता
(4) लिंग रूढिबद्धता
23. ‘मंगोलिज्म’ प्रकार के मानसिक मंदतापूर्ण बालकों का लगभग बुद्धि स्तर प्रसार क्या होता है ?
(1) 20 से 25
(2) 20 से नीचे
(3) 25 से 36
(4) 36 से 51
24. थर्स्टन द्वारा ‘बुद्धि’ के लिए किस शब्द का प्रयोग किया गया था ?
(1) प्राथमिक मानसिक क्षमताएँ
(2) सार्वभौमिक मानसिक क्षमताएँ
(3) तटस्थ मानसिक क्षमताएँ
(4) उच्च मानसिक क्षमताएँ
25. “नई सूचनाओं को पूर्ववर्ती विद्यमान मानसिक संरचना में व्यवस्थित करना” क्या कहलाता है ?
(1) आत्मसातकरण
(2) समाविष्टीकरण
(3) संतुलनीकरण
(4) संगठन
26. कौन-सा अभिप्रेरण का घटक नहीं है ?
(1) आवश्यकताएँ
(2) रटन्तस्मृति
(3) अन्तर्नोद
(4) प्रोत्साहन
27. अपने शिष्य के संवेगात्मक विकास के लिए अध्यापक को चाहिए कि :
(1) वह शिष्य के माता-पिता का स्थान लेने की कोशिश करे।
(2) वह अपने शिष्य के प्रति प्रेम तथा स्नेह विकसित करे।
(3) वह अपने शिष्य की शरारत के प्रति भी प्रेम का रवैया अपनाये।
(4) अपने कुछ चुनिंदा शिष्यों के प्रति पक्षपात पूर्ण व्यवहार करे।
28. कोहलबर्ग के अनुसार “नैतिक विकास की एक ऐसी अवस्था जिसमें कोई व्यक्ति अपनी नैतिकता को वर्तमान में प्रचलित सामाजिक मानदण्डों अथवा नियमों के अनुरूप आँकता है” को नैतिकता की कौन-सी अवस्था कहा गया है ?
(1) नैतिकता का पूर्व परम्परागत स्तर
(2) नैतिकता का परम्परागत स्तर
(3) नैतिकता का पश्च परम्परागत स्तर
(4) नैतिकता का गैर परम्परागत स्तर
29. निम्नलिखित में से कौन-सा बाल्यकाल का अन्य नाम नहीं है ?
(1) प्रारम्भिक विद्यालय आयु
(2) स्फूर्ति अवस्था
(3) ‘गिरोह से पहले’ आयु
(4) गिरोह आयु/दल आयु
30. निम्न में से कौन-सी रक्षात्मक युक्ति नहीं है ?
(1) तादात्म्य
(2) क्षतिपूर्ति
(3) औचित्य स्थापन
(4) साहचर्य
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